आपके वॉलेटमे ईस वक्त एक-दो कार्ड तो होंगे ही। कभी एसा भी हुआ होगा की उनमे से एकाद कार्ड एसा होगा जिसकी आपको जरूरत नहि है, लेकिन उसका डिझाईन ही कुछ ऐसा है की आपने उस कार्ड को संभाल कर रखा है! आपका बिसनस कार्ड या पर्सनल विझीटींग कार्ड भी ऐसा ही होना चाहिए। लेकिन बेहद जरूरी बात यह है की वो आपके बिझनसमें बढ़ावा करे ऐसे सिम्पल और युनिक हो।
कलर
आप कुछ ब्लेक एन्ड व्हाईट डिझाईन देख लें, आप समझ जाओगे की कलर का युझ कितना और कहां होना चाहिए!
फोन्टस
फोन्ट्स एसे युझ होने चाहिए जो सिम्पल हो. लेटरस्पेसींग सही हो। आपके लोगो के साथ मेच करते हो। सीर्फ हेडलाईन. टेगलाईन जैसे कुछ जगह पर अलग फोन्ट युझ किए जा सकते है!
मटीरियल
विझीटींग कार्ड को टेक्ष्चर पेपर, प्लास्टिक, क्लॉथ जैसे मटीरियल पर भी प्रीन्ट किया जा सकता है। जो मटेरियल आपके बिझनस को सुट करे।
एलिमेन्ट
एक छोटेसे कार्ड में आप कितनी डिटेल्स रखोगे? कितनी मेटर होगी? क्या टॅगलाईन होगी? लोगो कितना बडा रखना है? यह सब आप अपने डिझाईनर पर छोड दें। आप सिर्फ अपनी रिक्वायरमेन्ट उसे बताए। उसे पता है की कार्डमें कितनी चीज़े होनी चाहिए।
प्लेस्मेन्ट
हरएक एलिमेन्ट जब रखा जाता है, उसे वहां रखने का एक ठोस कारण होना चाहिए। ग्रीडवर्क के हिसाब से ही उसे प्लेस करना चाहिए।
लेटर हेड, एन्वेलोप, सीडी कवर ईत्यादि सब एक हार्मनी में होना चाहीए। आपसमें रिलेटेड होना चाहिए। ये सब बाकी डिझाईन पर भी लागु होता है।
कलर
आप कुछ ब्लेक एन्ड व्हाईट डिझाईन देख लें, आप समझ जाओगे की कलर का युझ कितना और कहां होना चाहिए!
फोन्टस
फोन्ट्स एसे युझ होने चाहिए जो सिम्पल हो. लेटरस्पेसींग सही हो। आपके लोगो के साथ मेच करते हो। सीर्फ हेडलाईन. टेगलाईन जैसे कुछ जगह पर अलग फोन्ट युझ किए जा सकते है!
मटीरियल
विझीटींग कार्ड को टेक्ष्चर पेपर, प्लास्टिक, क्लॉथ जैसे मटीरियल पर भी प्रीन्ट किया जा सकता है। जो मटेरियल आपके बिझनस को सुट करे।
एलिमेन्ट
एक छोटेसे कार्ड में आप कितनी डिटेल्स रखोगे? कितनी मेटर होगी? क्या टॅगलाईन होगी? लोगो कितना बडा रखना है? यह सब आप अपने डिझाईनर पर छोड दें। आप सिर्फ अपनी रिक्वायरमेन्ट उसे बताए। उसे पता है की कार्डमें कितनी चीज़े होनी चाहिए।
प्लेस्मेन्ट
हरएक एलिमेन्ट जब रखा जाता है, उसे वहां रखने का एक ठोस कारण होना चाहिए। ग्रीडवर्क के हिसाब से ही उसे प्लेस करना चाहिए।
लेटर हेड, एन्वेलोप, सीडी कवर ईत्यादि सब एक हार्मनी में होना चाहीए। आपसमें रिलेटेड होना चाहिए। ये सब बाकी डिझाईन पर भी लागु होता है।
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